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विश्वविद्यालय की आंतरिक गुणवत्ता एवं प्रत्यायन प्रकोष्ठ द्वारा कार्यशाला का आयोजन।

Published on: 22 May 2026

विश्वविद्यालय की आंतरिक गुणवत्ता एवं प्रत्यायन प्रकोष्ठ द्वारा कार्यशाला का आयोजन।


इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर की आंतरिक गुणवत्ता एवं प्रत्यायन प्रकोष्ठ (IQAC) द्वारा आज NAAC नैक के अलग-अलग 10 मापदंडों के व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं इसकी तैयारियों में तेजी लाने के लिए एक कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, नई दिल्ली से प्रोफेसर अनिल सैनी ने इस संबंध में प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने सभी क्राइटेरिया के बारे में विस्तार से बताया और उनमें कितने अंक होते हैं और उसके लिए किस प्रकार के आंकड़ों की आवश्यकता पड़ेगी इस बारे में प्रशिक्षण दिया तथा श्रोताओं के प्रश्नों का उत्तर दिया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर असीम मिगलानी ने अपने संदेश में कहा कि नैक की तैयारी को गति देने के उद्देश्य से सभी 10 क्राइटेरिया के लिए 10 टीमें तैयार की गई है जो इस पर कार्य करेगी। इन सभी मापदंडों के लिए बनाए गए संयोजक विश्वविद्यालय के नैक कोऑर्डिनेटर तथा आइक्यूएसी प्रकोष्ठ के मार्गदर्शन में काम करेंगे। यह कार्यशाला उनके मार्गदर्शन हेतु आयोजित की जा रही है। कार्यशाला में विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर दिलबाग सिंह, अधिष्ठाता शैक्षणिक मामले प्रोफेसर सुनील कुमार एवं डायरेक्टर रिसर्च एवं नैक कोऑर्डिनेटर प्रोफेसर पंकज त्यागी ने भी भाग लिया। सर्वप्रथम आइक्यूएसी प्रकोष्ठ के निदेशक प्रोफेसर विकास बत्रा ने कार्यशाला के बारे में बताया। अधिष्ठाता शैक्षणिक मामले प्रोफेसर सुनील कुमार ने सभी का स्वागत किया। कुलसचिव प्रोफेसर दिलबाग सिंह ने विश्वविद्यालय की एकेडमिक उन्नति में नैक एवं आइक्यूएसी के योगदान पर प्रकाश डाला और इस प्रकार के आयोजन निरंतर रूप से किए जाने पर जोर दिया। डायरेक्टर रिसर्च प्रोफेसर पंकज त्यागी ने कार्यक्रम के अंत में सभी का धन्यवाद किया। इस कार्यशाला के सफल में इसकी आयोजन समिति के सदस्यों मनोविज्ञान विभाग के सहायक प्रोफेसर संदीप, इतिहास विभाग में सहायक प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह, अर्थशास्त्र विभाग में सहायक प्रोफेसर डॉ. रितु एवं वाणिज्य विभाग से डॉ. ईश्वर शर्मा का भी योगदान रहा।