Published on: 13 Apr 2026
*डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन।*
इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर, रेवाड़ी के योग विभाग द्वारा विभागाध्यक्षा डॉ. श्रुति के सफल मार्गदर्शन में डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जन्म जयंती के पूर्व अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत जलियांवाला बाग हत्याकांड के शहीदों को 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। तत्पश्चात विभिन्न शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने बाबा साहब के जीवन दर्शन पर विचार प्रस्तुत किए। मंच संचालन योग विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. अमनदीप ने किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहब किसी विशेष जाति, समाज या धर्म के नहीं, बल्कि संपूर्ण राष्ट्र के नायक थे।
कार्यक्रम के दौरान एम.ए. योग की छात्रा रेमा यादव ने बाबा साहब के जीवन संघर्ष पर प्रकाश डाला, वहीं छात्रा आरती ने रागनी “आया जन्मदिन बाबा साहब का” के माध्यम से उपस्थित जनों को प्रेरित किया। शोधार्थी कौशल्या ने बाबा साहब को उनके ब्राह्मण शिक्षक द्वारा “अंबेडकर” उपनाम दिए जाने का प्रेरणादायक प्रसंग सुनाया।
कार्यक्रम की शोभा बढ़ाते हुए अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर सतीश एवं राजनीतिक विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. बलजीत उपस्थित रहे। प्रोफेसर सतीश ने समान नागरिक संहिता, धारा 370 तथा हिंदू कोड बिल के माध्यम से महिलाओं के अधिकारों में बाबा साहब के योगदान पर विस्तृत चर्चा की।
योग विभाग के सहायक प्राध्यापक श्री प्रवीण कुमार ने बाबा साहब के प्रसिद्ध वचन “शिक्षा शेरनी का दूध है, जो पीएगा वह दहाड़ेगा” का उल्लेख करते हुए “शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो” का संदेश दोहराया। शोधार्थी देवेन्द्र, धर्मेन्द्र एवं विकास कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सहायक प्राध्यापक डॉ. धर्मबीर यादव ने कहा कि समानता के बिना न्याय असंभव है। योग प्रशिक्षक अमित कुमार ने कहा कि सामाजिक एवं आर्थिक समानता के बिना राजनीतिक स्वतंत्रता अधूरी है।
सभी वक्तव्यों के पश्चात बाबा साहब के बचपन से लेकर संविधान निर्माण तक के संघर्षपूर्ण जीवन पर आधारित 25 मिनट की एक डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गई। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन हेतु एक ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी (क्विज) का भी आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के सूत्रधार डॉ. जयपाल सिंह राजपूत ने समापन वक्तव्य में सभी प्राध्यापकों, कर्मचारियों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहब के विचार समानता, शिक्षा, सामाजिक न्याय और बंधुत्व पर आधारित थे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने बाबा साहब को पुष्पांजलि अर्पित कर उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया।