• Helpline No :
  • |
  • Email: admissions@igu.ac.in
  • A+
  • A
  • A-
IGU

कोर्स एवं ऑनलाइन कंटेंट डेवलपमेंट" पर कार्यशाला का आयोजन।

Published on: 23 May 2026

*MOOC कोर्स एवं ऑनलाइन कंटेंट डेवलपमेंट" पर कार्यशाला का आयोजन।*


इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर में आंतरिक गुणवत्ता एवं प्रत्यायन प्रकोष्ठ (IQAC) की तरफ से सभी शिक्षकों के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न ओपन एजुकेशनल रिसोर्सेस के बारे में विश्वविद्यालय के शिक्षकों को अवगत कराना था और साथ ही यह प्रशिक्षण भी दिया जाना इसका उद्देश्य था की वे मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्सेज (MOOC) प्लेटफार्म पर किस प्रकार अपने स्वयं के कोर्स विकसित कर सकते हैं और विद्यार्थियों को इनमें जोड़ सकते हैं। इस कार्यशाला के लिए कुआलालम्पुर यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, मलेशिया से प्रोफेसर रमेश चंद्र शर्मा ने शिक्षकों को इस बारे में प्रशिक्षित किया। कार्यशाला दो चरणों में आयोजित की गई। प्रथम चरण में ओपन ऑनलाइन रिसोर्सेज के बारे में बताया गया जिसमें अलग-अलग वेबसाइट तथा अपना स्वयं का कोर्स विकसित करने के लिए आवश्यक शिक्षण सामग्री की उपलब्धता के संबंध में शिक्षकों को अवगत कराया गया। और दूसरे चरण में मुख्य फोकस अपना स्वयं का कोर्स विकसित करने की आवश्यकता एवं उसकी प्रक्रिया के संबंध में था। इस कार्यशाला में विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर दिलबाग सिंह भी उपस्थित रहे जिन्होंने आज के समय में ऑनलाइन कोर्स की आवश्यकता एवं उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कॉविड के समय में हम लोगों ने मजबूरी में इन कोर्सेज को अपनाया था लेकिन आज ये सभी शिक्षकों के लिए सीखने आवश्यक हो गए हैं। इससे पूर्व आइक्यूएसी प्रकोष्ठ के निदेशक प्रोफेसर विकास बत्रा ने सभी का स्वागत किया और बताया कि यूजीसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार अब 40% तक के क्रेडिट ऑनलाइन कोर्स के माध्यम से प्राप्त किया जा सकते हैं।

कुलपति प्रोफेसर असीम मिगलानी ने अपने संदेश में कहा कि आज के समय में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा भी MOOC कोर्स को बढ़ावा दिया जा रहा है। नैक की तैयारीयों में अभी इसको अलग से महत्व दिया जाता है, ऐसे में इस प्रकार की कार्यशाला अत्यंत उपयोगी साबित होगी। अधिष्ठाता शैक्षणिक मामले प्रोफेसर सुनील कुमार ने भी विभिन्न ऑनलाइन कोर्स विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। इस कार्यशाला को सफल बनाने में इसकी संयोजक डॉ. रीना हुड्डा, भौतिकी विभाग से डॉ. कविता, अर्थशास्त्र विभाग से डॉ. रितु , वाणिज्य विभाग से डॉ. प्रियंका रंगा एवं इतिहास विभाग से डॉ. बीरेंद्र सिंह का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के अध्यक्ष एवं शिक्षक उपस्थित रहे।