• Helpline No :
  • |
  • Email: admissions@igu.ac.in
  • A+
  • A
  • A-
IGU

इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में GATE 2027 एवं JAM 2027 परीक्षा पर मार्गदर्शन कार्यशाला का सफल आयोजन।

Published on: 30 Sep 2026

इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग द्वारा विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति जागरूक करने एवं मार्गदर्शन प्रदान करने के उद्देश्य से GATE 2027 एवं JAM 2027 पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला में विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. दिलबाग सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि GATE परीक्षा उच्च शिक्षा, शोध और तकनीकी विशेषज्ञता के साथ-साथ बेहतर करियर के अनेक द्वार खोलती है। इसके माध्यम से विद्यार्थी देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश लेकर अपने भविष्य को नई दिशा दे सकते हैं। उन्होंने इस प्रकार की विद्यार्थी-केंद्रित गतिविधि के आयोजन के लिए विभागाध्यक्ष को बधाई दी।

उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे GATE परीक्षा की तैयारी अभी से योजनाबद्ध ढंग से प्रारंभ करें। नियमित अध्ययन, विषयों की मूलभूत अवधारणाओं की स्पष्ट समझ, समय-प्रबंधन, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्यशालाएँ विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की आवश्यकताओं को समझने तथा अपने भविष्य की प्रभावी रणनीति तैयार करने में सहायता प्रदान करती हैं।

कार्यशाला में IIT रुड़की के विशेषज्ञों—गणित विभाग से प्रो. उदय सिंह एवं प्रो. अमेया कुमार नायक—ने आमंत्रित वक्ता के रूप में शिरकत की। प्रो. उदय सिंह ने JAM 2027 के पाठ्यक्रम, परीक्षा पैटर्न और अध्ययन रणनीति पर प्रकाश डाला, जबकि प्रो. अमेया कुमार नायक ने GATE 2027 की तैयारी, समय-प्रबंधन, मॉक टेस्ट और विषयवार अध्ययन पद्धतियों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बताया कि GATE 2027 का आयोजन IIT मद्रास द्वारा फरवरी 2027 में किया जाएगा।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. असीम मिगलानी ने अपने संदेश में कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए इस प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियाँ अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। आज के तीव्र प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की सटीक रणनीति समझकर खुद को तैयार करना समय की मांग है। विश्वविद्यालय का निरंतर प्रयास है कि हमारे विद्यार्थियों को देश की शीर्ष संस्थाओं में प्रवेश के अवसर प्राप्त हों। ये मार्गदर्शन सत्र विद्यार्थियों के भीतर आत्मविश्वास जगाते हैं और उन्हें अपने भविष्य के लक्ष्यों को निर्धारित करने के लिए प्रेरित करते हैं।

वहीं, डीन अकादमिक अफेयर्स प्रो. सुनील कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ अनुकूल शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. सतेन्द्र बल गुप्ता का विशेष योगदान रहा। मंच का कुशल संचालन डॉ. रीना हुड्डा द्वारा किया गया। इस दौरान विभाग के समस्त संकाय सदस्य, गैर-शिक्षक कर्मचारी और शोधार्थी भी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के लगभग 200 से 250 विद्यार्थियों तथा विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों व प्राध्यापकों ने भाग लिया।