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आईजीयू में “फ्रॉम क्लासरूम क्लासरूम टू कॉरपोरेट” विषय पर सेमिनार का आयोजन।

Published on: 04 Apr 2026

*आईजीयू में “फ्रॉम क्लासरूम क्लासरूम टू कॉरपोरेट” विषय पर सेमिनार का आयोजन।*


इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर (रेवाड़ी) के प्रबंधन विभाग द्वारा एलुमनी विद्यार्थी मिलन कार्यक्रम के अंतर्गत "फ्रॉम क्लासरूम टू कॉरपोरेट" विषय पर एक प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को शैक्षणिक जीवन से कॉर्पोरेट जगत तक के संक्रमण (transition) के लिए तैयार करना तथा उन्हें व्यावहारिक अनुभवों से अवगत कराना था।

इस अवसर पर विभाग के प्रतिष्ठित पूर्व छात्र मयंक बंसल एवं विकास कुमार ने एमबीए प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के साथ संवाद स्थापित करते हुए एक अत्यंत रोचक एवं इंटरएक्टिव सत्र का संचालन किया। कार्यक्रम की शुरुआत विभागाध्यक्ष प्रोफेसर रितु बजाज द्वारा दोनों अतिथियों के औपचारिक स्वागत से हुई। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि विभाग अपने पूर्व छात्रों की उपलब्धियों पर गर्व करता है और ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को वास्तविक कॉर्पोरेट चुनौतियों को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रोफेसर रितु बजाज ने जानकारी दी कि मयंक बंसल एवं विकास कुमार एमबीए 2023–25 बैच के सफल छात्र रहे हैं। वर्तमान में मयंक बंसल GLS Films Industry Pvt. Ltd., बिलासपुर (गुरुग्राम) में एचआर एवं एडमिन के पद पर कार्यरत हैं, जबकि विकास कुमार एयरटेल, रेवाड़ी में पोस्टपेड कोऑर्डिनेटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इन पूर्व छात्रों की सफलता वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

अपने संबोधन में दोनों पूर्व छात्रों ने “From Classroom to Corporate” विषय पर विस्तार से चर्चा करते हुए अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को इंटर्नशिप के महत्व, प्रभावी रिज्यूम निर्माण, साक्षात्कार की तैयारी, संचार कौशल (communication skills) के विकास तथा सही विषय चयन (Subject Specialization) के बारे में व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने यह भी बताया कि कॉर्पोरेट क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक कौशल, समय प्रबंधन तथा टीमवर्क अत्यंत आवश्यक हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहें, बल्कि विभाग द्वारा आयोजित विभिन्न शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। साथ ही, उन्होंने विद्यार्थियों को स्वयं पहल करते हुए विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन में नेतृत्व भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की गतिविधियों से नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की क्षमता तथा आत्मविश्वास में वृद्धि होती है, जो भविष्य में कॉर्पोरेट जीवन में अत्यंत सहायक सिद्ध होती हैं।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भी सक्रिय भागीदारी करते हुए अनेक प्रश्न पूछे, जिनका दोनों अतिथियों ने विस्तारपूर्वक उत्तर दिया। इस इंटरएक्टिव सत्र ने विद्यार्थियों को अपने करियर के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण विकसित करने में मदद की।

इस अवसर पर विभाग के प्राध्यापक प्रोफेसर समृद्धि, डॉ. भारती एवं डॉ. सुशांत यादव ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए दोनों पूर्व छात्रों का इस उपयोगी एवं प्रेरणादायक सत्र के लिए समय निकालने हेतु आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. सुशांत यादव द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरे सत्र को सुव्यवस्थित एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

अंत में विभागाध्यक्ष प्रोफेसर रितु बजाज द्वारा दोनों अतिथियों को भगवद गीता भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।