Published on: 24 Mar 2026
आईजीयू में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का होगा आयोजन।
इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर (रेवाड़ी) के कौशल संवर्धन और व्यावसायिक विकास केंद्र एवं वाणिज्य विभाग, पर्यटन एवं प्रबंधन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आगामी 8-9 अप्रैल 2026 को स्वदेशी शोध संस्थान के सहयोग से दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (हाइब्रिड मोड) का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन का उद्देश्य Vision 2047 के तहत आत्मनिर्भर, समृद्ध एवं सतत भारत के निर्माण हेतु नए विचार, नीतिगत सुझाव एवं व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करना है। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर असीम मिगलानी की अध्यक्षता में आयोजित होगा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एस.एन. सचदेवा और चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति प्रोफेसर बी.आर. कंबोज शिरकत करेंगे। इस सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय वक्ता के रूप में नॉर्वे के एगडर विश्वविद्यालय से प्रोफेसर मोहन कोल्हे उपस्थित रहेंगे। सह-संरक्षक के रूप में कुलसचिव प्रोफेसर दिलबाग सिंह एवं अधिष्ठाता शैक्षणिक मामले प्रोफेसर सुनील कुमार उपस्थित रहेंगे।
इस सम्मेलन में आर्थिक विकास, हरित भारत, महिला उद्यमिता, सामाजिक समानता, रणनीतिक शक्ति, भारतीय ज्ञान प्रणाली एवं भविष्य का शासन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। देश-विदेश के शिक्षाविद, शोधार्थी, उद्योग विशेषज्ञ एवं नीति-निर्माता इसमें भाग लेंगे। सम्मेलन में शोध पत्र, केस अध्ययन और वैचारिक पत्र आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक प्रतिभागी ऑनलाइन पंजीकरण लिंक/QR Code के माध्यम से 31 मार्च 2026 तक रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। चयनित शोध-पत्रों को सहकर्मी-समीक्षित जर्नल/संपादित पुस्तक में प्रकाशित किया जाएगा तथा उत्कृष्ट शोध कार्यों को सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
कार्यक्रम की संयोजक एवं कौशल संवर्धन और व्यावसायिक विकास केंद्र की निदेशक प्रोफेसर रितु बजाज की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। उन्होंने सम्मेलन की तैयारियों में चल रही गतिविधियों का जायजा लिया जिसमें सह-संयोजक प्रोफेसर अदिति शर्मा, प्रोफेसर रविंद्र, प्रोफेसर रणबीर सिंह, आयोजन सचिव डॉ. ममता अग्रवाल, डॉ. भारती सहित अन्य कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे। प्रोफेसर रितु बजाज ने बताया कि कौशल संवर्धन और व्यावसायिक विकास केंद्र विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कौशल उन्मुख शिक्षा, क्षमता निर्माण और सतत व्यावसायिक विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह सम्मेलन भारत के सतत विकास, नवाचार एवं वैश्विक नेतृत्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। आयोजकों ने सभी संबंधित विद्वानों एवं शोधकर्ताओं से इसमें सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया है।