Published on: 03 Oct 2026
इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर, रेवाड़ी के योग विभाग के मेधावी छात्र योगेश का राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण में क्लर्क पद पर चयन हुआ।
छात्र की इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. असीम मिगलानी ने योगेश को हार्दिक बधाई एवं आशीर्वाद देते हुए कहा, "योगेश का राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्था एनआईए में चयन संपूर्ण इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय परिवार के लिए अत्यंत गर्व और मान का क्षण है। यह सफलता इस बात का जीवंत प्रमाण है कि जब विद्यार्थी योग जैसे विषय से प्राप्त एकाग्रता, आत्म-अनुशासन और मानसिक दृढ़ता को अपनी कठिन मेहनत से जोड़ते हैं, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता। योगेश की यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के समस्त विद्यार्थियों को उच्च प्रशासनिक व राष्ट्रीय सेवाओं में जाने के लिए प्रेरित करेगी। हमारी प्राथमिकता सदैव विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सर्वांगीण विकास का वातावरण प्रदान करना रही है, जिससे वे हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर सकें। मुझे पूर्ण विश्वास है कि वे अपनी नई भूमिका में निष्ठा, कर्तव्यपरायणता और देशसेवा के सर्वोच्च मानकों को स्थापित करते हुए विश्वविद्यालय व प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।"
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. दिलबाग सिंह ने भी चयनित छात्र को शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा, "योगेश का चयन विश्वविद्यालय की उत्कृष्ट शिक्षण व्यवस्था, सकारात्मक शैक्षणिक माहौल और विद्यार्थियों के निरंतर परिश्रम का परिणाम है। दृढ़ संकल्प और सही मार्गदर्शन से हर कठिन परीक्षा को पास किया जा सकता है। विश्वविद्यालय प्रशासन उनके उज्ज्वल, सफल और समृद्ध भविष्य की कामना करता है।"
योग विभागाध्यक्ष प्रो. करण सिंह ने छात्र को शुभकामनाएं देते हुए कहा, "योगेश की यह ऐतिहासिक सफलता संपूर्ण विभाग के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण है।
अपनी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए योगेश ने कहा कि योग विभाग में प्रवेश लेने के बाद उन्होंने नियमित रूप से आसन, प्राणायाम एवं ध्यान को अपनी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाया। इन योगाभ्यासों से उन्हें एकाग्रता, मानसिक संतुलन, आत्मविश्वास एवं अध्ययन में निरंतरता बनाए रखने में बहुत सहायता मिली, जिसका सीधा और सकारात्मक प्रभाव उनकी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी पर पड़ा। उन्होंने अपनी सफलता का संपूर्ण श्रेय योग साधना, अपने गुरुजनों के मार्गदर्शन तथा माता-पिता के आशीर्वाद को दिया।
योग विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. जयपाल सिंह राजपूत ने कहा कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एकाग्रता, अनुशासन, मानसिक स्थिरता और बौद्धिक विकास में भी अत्यंत सहायक है। उन्होंने विश्वास जताया कि योगेश की सफलता से प्रेरणा लेकर विभाग के अन्य विद्यार्थी भी प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
इस अवसर पर डॉ. अमनदीप, डॉ. धर्मवीर यादव, श्री प्रवीण कुमार, श्री अमित कुमार एवं विभाग के समस्त प्राध्यापक व कर्मचारी उपस्थित रहे।