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आईजीयू में "ग्रामीण सहभागिता" विषय पर व्याख्यान का आयोजन।

Published on: 14 Mar 2026

*आईजीयू में "ग्रामीण सहभागिता" विषय पर व्याख्यान का आयोजन।*


इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर (रेवाड़ी) के समाज कार्य विभाग द्वारा समाज विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रोफेसर विकास बत्रा की अध्यक्षता में "ग्रामीण सहभागिता" विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय से प्रोफेसर अर्चना कौशिक तथा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से प्रोफेसर वनिता धींगड़ा ने सहभागिता की। समाज कार्य विभागाध्यक्ष डॉ. देवेंद्र सिंह ने दोनों अतिथि वक्ताओं का स्वागत कर पौधा भेंट किया। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. सत्येंद्र ने किया। यह कार्यशाला दो सत्रों में आयोजित की गई। प्रथम सत्र सैद्धांतिक था, जिसमें प्रोफेसर अर्चना कौशिक ने ग्रामीण क्षेत्र में शोध कार्य करते समय आवश्यक पहलुओं जैसे ज्ञान निर्माण, संबंध निर्माण, सहभागी अनुसंधान तथा ट्रांजिट वॉक के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अपने व्याख्यान में विभिन्न वैज्ञानिकों एवं शोधकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सिद्धांतों के बारे में भी विद्यार्थियों को अवगत कराया। इसी संदर्भ में उन्होंने ऑगस्ट कॉम्टे के प्रत्यक्षवाद के सिद्धांत की चर्चा करते हुए बताया कि वैज्ञानिक ज्ञान अनुभव और अवलोकन पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रत्यक्षवाद अनुभवजन्य तथ्यों और वैज्ञानिक विधियों पर आधारित होता है, जबकि पारंपरिक मान्यताएँ और धारणाएँ अक्सर विश्वास और अनुमान पर आधारित होती हैं। द्वितीय सत्र प्रायोगिक था, जिसमें पहले सत्र में बताई गई अवधारणाओं को व्यवहारिक रूप से समझाया गया। इस सत्र में अर्थशास्त्र विभाग एवं इतिहास विभाग के शोधार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और प्रतिभागियों को विभिन्न प्रकार की मैपिंग तकनीक के बारे में जानकारी दी तथा उनके उपयोग को समझाया। इस कार्यशाला में समाज कार्य विभाग से सहायक शिक्षक श्री सतीश कुमार एवं शिक्षिका श्रीमती मनीषा, इतिहास विभाग से सहायक प्रोफेसर डॉ. कमलेश नरवाना, अर्थशास्त्र विभाग से सहायक प्रोफेसर डॉ. रितु राठी, सहित विद्यार्थी एवं शोधार्थी उपस्थित रहे। कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों ने यह सीखा कि गांवों में किस प्रकार तथ्यों का संकलन किया जाए और शोध कार्य में विभिन्न तकनीकों का प्रभावी उपयोग कैसे किया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में समाज कार्य विभागाध्यक्ष डॉ. देवेंद्र सिंह ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं आयोजकों का धन्यवाद ज्ञापित किया।